बांग्लादेश में ‘ऐतिहासिक’ वोटिंग शुरू! 10 लाख सुरक्षाकर्मियों के साये में तय होगा ढाका का भविष्य

2024 की ‘मानसून क्रांति’ के बाद, भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में आज 12 फरवरी, 2026 को नई सरकार चुनने के लिए मतदान हो रहा है। शेख हसीना के 15 साल लंबे शासन के पतन के बाद यह पहला आम चुनाव है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में हो रहे इस चुनाव के साथ-साथ संवैधानिक सुधारों के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (Referendum) भी कराया जा रहा है।

अभूतपूर्व सुरक्षा और भारी भीड़: मतदान को निष्पक्ष बनाने के लिए करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सेना, पुलिस और बीजीबी के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज जैसे मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। युवाओं की भारी भागीदारी इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता है, जहां 127 मिलियन मतदाताओं में से 44% युवा हैं।

BNP बनाम जमात की टक्कर: अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के कारण मुकाबला मुख्य रूप से तारिक रहमान की ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’ (BNP) और शफीकुर रहमान की ‘जमात-ए-इस्लामी’ समर्थित 11-दलीय गठबंधन के बीच है। सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक, BNP को 50% से अधिक जनसमर्थन मिल रहा है, जबकि 17 साल के निर्वासन के बाद लौटे तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। वहीं, जमात-ए-इस्लामी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए खुद को एक नैतिक विकल्प के रूप में पेश कर रही है।

परिणाम का इंतजार: मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज शाम से ही मतगणना शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 13 फरवरी की सुबह तक परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए जाएंगे। यह चुनाव न केवल बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता बल्कि भारत के साथ उसके भविष्य के संबंधों को भी नई दिशा देगा।

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