कंबोडिया में मिला ‘नकली’ भारतीय पुलिस स्टेशन! डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भारतीयों को ऐसे लूटते थे ठग

कंबोडिया के जंगलों से सायबर अपराध का एक ऐसा काला सच सामने आया है जिसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। कंबोडियाई अधिकारियों ने एक ऐसे सेंटर का भंडाफोड़ किया है जहाँ मुंबई पुलिस और सीबीआई (CBI) के फर्जी साइनबोर्ड, भारतीय तिरंगा और महात्मा गांधी व डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीरों का इस्तेमाल कर भारतीयों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार बनाया जा रहा था।

नम पेन में ऑनलाइन घोटालों के खिलाफ शुरू हुए बड़े अभियान के तहत अब तक १९० स्कैम सेंटर्स को सील किया जा चुका है। कंबोडियाई अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड चीन में जन्मा एक टाइकून ‘ली कुओंग’ है। इस कार्रवाई में १७३ बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब ११,००० विदेशी श्रमिकों को उनके देशों में वापस भेज दिया गया है।

वियतनाम सीमा के पास स्थित एक परिसर की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे जालसाजों ने स्टूडियो बूथ और फर्जी पुलिस स्टेशन बना रखे थे। यहाँ से वीडियो कॉल के जरिए भारतीयों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे। पुलिस का कहना है कि छापेमारी के डर से करीब ७,००० कर्मचारी रातों-रात परिसर छोड़कर भाग गए। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे एक मानवीय संकट बताया है, क्योंकि इनमें से कई श्रमिकों को तस्करी कर जबरन इस काम में लगाया गया था।

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