सिर्फ २ महीने की तैयारी और बड़ी परीक्षा! उच्च-माध्यमिक के चौथे सेमेस्टर में सरकार पर उठे सवाल!
पश्चिम बंगाल में गुरुवार से उच्च-माध्यमिक (कक्षा १२वीं) की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इतिहास में पहली बार यह परीक्षा सेमेस्टर पद्धति के आधार पर आयोजित की जा रही है। सुबह ९:५० बजे से दोपहर १२:०० बजे तक चलने वाली इस परीक्षा के पहले ही दिन छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। मुख्य शिकायत यह है कि सरकार ने बिना सिलेबस पूरा कराए और बिना पर्याप्त समय दिए छात्रों को परीक्षा में बैठा दिया है।
यह चौथा सेमेस्टर है, जिसमें वर्णनात्मक (Explanatory) प्रश्न पूछे जा रहे हैं। छात्रों का दावा है कि सितंबर के अंत में तीसरा सेमेस्टर खत्म होने के बाद दुर्गा पूजा की लंबी छुट्टियां पड़ गईं। इसके बाद, नवंबर के अंत में जाकर छात्रों को किताबें मिलीं। ऐसे में महज दो महीने की तैयारी के साथ छात्र इतनी बड़ी परीक्षा देने को मजबूर हैं।
अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि छात्र लंबे समय तक मोबाइल पर ‘पीडीएफ’ (PDF) फाइलें देखकर पढ़ाई करने को मजबूर थे। एक अभिभावक ने तीखे स्वर में कहा, “सरकार को शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। गरीब बच्चों के पास निजी ट्यूशन की सुविधा नहीं होती। बिना किताब के और बिना सिलेबस पूरा हुए परीक्षा लेना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।” छात्रों का कहना है कि अगर तैयारी के लिए थोड़ा और समय दिया जाता, तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। आज बांग्ला विषय की परीक्षा के साथ शुरू हुआ यह सफर विवादों के साये में है।