जन्म से पहले ही बन गया बर्थ सर्टिफिकेट! 20 साल में 10 बच्चे! वोटर लिस्ट की जांच में उड़े होश
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन सर्वेक्षण (SIR) के दौरान ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिन्हें सुनकर चुनाव आयोग के अधिकारी भी हैरान हैं। दस्तावेजों की छंटनी के दौरान पता चला है कि बरानगर के एक मतदाता का जन्म प्रमाण पत्र उसके पैदा होने के दो दिन पहले ही जारी कर दिया गया था। मतदाता की जन्मतिथि 6 मार्च 1993 है, जबकि प्रमाण पत्र 4 मार्च को ही बन चुका था।
धांधली यहीं खत्म नहीं होती; कोलकाता के मेटियाब्रुज इलाके में एक मतदाता के दस्तावेजों में दावा किया गया है कि उसके 10 बच्चे हैं, जो केवल 20 वर्षों के भीतर पैदा हुए हैं। सबसे अजीब बात यह है कि कुछ बच्चों के जन्म के बीच का अंतर केवल एक महीना दिखाया गया है। चुनाव आयोग अब इन संदिग्ध मतदाताओं से संपर्क कर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।
आयोग के अनुसार, SIR की सुनवाई 14 फरवरी तक चलेगी और दस्तावेजों के निपटारे का काम 21 फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़ी साजिश या डेटा एंट्री में भारी लापरवाही का नतीजा हो सकता है।