बीरभूम में जोरदार धमाका! अजय नदी के तट पर सेना ने डिफ्यूज किया दूसरे विश्व युद्ध का अमेरिकी मोर्टार!

शनिवार की सुबह वीरभूम जिले के बोलपुर में अजय नदी के किनारे एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुनाई दी। यह धमाका भारतीय सेना के विशेषज्ञों द्वारा किया गया था, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के समय के एक बेहद शक्तिशाली अमेरिकी मोर्टार को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। बोलपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर सेना की आठ सदस्यीय टीम ने इस खतरनाक मिशन को अंजाम दिया।

ऑपरेशन की दास्तां: यह मोर्टार पिछले साल २४ अक्टूबर को जहानाबाद इलाके में अजय नदी के तट से मिला था। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसे अब तक अपने घेरे में रखा था। शनिवार सुबह सेना के जवानों ने क्रेन की मदद से नदी के रेत में एक गहरा गड्ढा खोदा और २४० किलो वजनी इस ‘एम-२९ क्लस्टर मोर्टार’ को उसमें गाड़ दिया। इसके बाद ढेर सारी रेत डालकर उसे ढका गया और फिर नियंत्रित तरीके से रिमोट ब्लास्ट किया गया। लगभग ८० साल पुराना होने के बावजूद धमाका इतना भीषण था कि आसपास की धरती हिल गई।

इतिहास और अजय नदी का कनेक्शन: विशेषज्ञों के अनुसार, दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी वायु सेना का पश्चिम वर्धनमान के पानागढ़ और गुसकरा (ओरग्राम) में बड़ा बेस हुआ करता था। बोलपुर के कालिकापुर में भी एक लैंडिंग स्ट्रिप बनाई गई थी। युद्ध के समय जब अमेरिकी विमान बर्मा (म्यांमार) की ओर मिशन पर जाते थे और मिशन बीच में ही रद्द हो जाता था, तो भारी मोर्टार के साथ लैंडिंग करना खतरनाक होता था। विमान में विस्फोट के जोखिम को कम करने के लिए पायलट इन भारी बमों को अजय नदी के उथले पानी में गिरा देते थे।

समय बीतने के साथ नदी ने अपना रास्ता बदला और अब रेत के नीचे से ये घातक हथियार बाहर आ रहे हैं। इससे पहले पिछले साल १२ सितंबर को भी इसी इलाके से एक मोर्टार मिला था। इस धमाके को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, लेकिन सेना और पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर रखा।

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