पुरुलिया के श्रमिक की हत्या में ‘कातिल’ का नाम उजागर! सुवेंदु अधिकारी का अभिषेक बनर्जी पर तीखा पलटवार!
महाराष्ट्र के पुणे में पुरुलिया के एक प्रवासी श्रमिक की मौत को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। ९ फरवरी को हुई इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया था कि श्रमिक को सिर्फ इसलिए पीट-पीटकर मार दिया गया क्योंकि वह ‘बंगाली’ बोल रहा था। रविवार को विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कथित हत्यारे के नाम का खुलासा करते हुए अभिषेक बनर्जी और TMC पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
सुवेंदु का बड़ा खुलासा: सुवेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस घटना का भाषा या नफरत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आरोपी का नाम सार्वजनिक किया और दावा किया कि यह आपसी रंजिश का मामला हो सकता है। सुवेंदु ने कहा, “अभिषेक बनर्जी और उनकी पार्टी बंगाल के लोगों को डराने के लिए झूठी कहानियां गढ़ रही है। पुणे पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और अपराधी को सजा मिलेगी।”
सियासी घमासान: TMC पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमलावर थी, इसे बंगाली पहचान और भाषा पर हमला बता रही थी। सुवेंदु ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के बजाय TMC केवल राजनीति करने में रुचि रखती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर बंगाल के युवाओं को काम के लिए बाहर क्यों जाना पड़ रहा है? फिलहाल, श्रमिक की मौत के बाद उपजा यह ‘नाम और पहचान’ का विवाद बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ ले आया है।