क्या AI छीन लेगा नौकरियां? दिल्ली में १६ फरवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ में होगा भविष्य का फैसला

आज १६ फरवरी को नई दिल्ली एक ऐतिहासिक घटनाक्रम की गवाह बनने जा रही है। भारत में आयोजित हो रहे ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें ७ देशों के राष्ट्रपति, ९ देशों के प्रधानमंत्री और दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ शामिल हो रहे हैं। राजधानी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर कई रूट डाइवर्ट किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के अलावा, इस समिट में गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और रिलायंस के मुकेश अंबानी जैसे दिग्गज मुख्य वक्ता होंगे। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई पर विशेष नजर रहेगी, जो एआई प्रणालियों के नियंत्रण और विकास पर अपनी राय रखेंगे।
समिट का मुख्य एजेंडा सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है। आज के सत्र का शीर्षक ‘एआई के युग में रोजगार का भविष्य’ रखा गया है। इसमें नौकरी जाने का डर, सुरक्षा चुनौतियां और डेटा सेंटर्स का पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे गंभीर सवालों पर चर्चा होगी। सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और अन्य विशेषज्ञ इस पर मंथन करेंगे।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि दुनिया भर से लोग इस समिट के लिए भारत आ रहे हैं। यह हमारे युवाओं की क्षमता और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति को दर्शाता है।” समिट में ५०० से अधिक एआई स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं और ५०० से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां एआई के फायदों और खतरों को कम करने के तरीकों का प्रदर्शन (डेमो) किया जाएगा।