हिमंत बिस्वा सरमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! पहली ही सुनवाई में खारिज हुई याचिका, फटकार भी लगी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को सुनने से साफ इनकार कर दिया और उसे पहले ही दिन खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए पूछा कि वे गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने के बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों चले आए। अदालत ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हिसाब चुकता करने के लिए नहीं होना चाहिए।

यह पूरा विवाद असम बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए गए एक एडिटेड वीडियो को लेकर शुरू हुआ था। हालांकि विवाद बढ़ते ही वीडियो हटा लिया गया था, लेकिन कुछ वामपंथी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की बेंच ने टिप्पणी की, “वोटों से ठीक पहले यह एक ट्रेंड बनता जा रहा है कि राजनीतिक लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट में लाया जाए। इसे हाईकोर्ट की शक्तियों का गलत मूल्यांकन न करें।”

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को संयम बरतने और संवैधानिक दायरे में रहने की सलाह दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि मामला गंभीर है तो पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट जाएं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सुझाव दिया कि यदि याचिका वहां दायर की जाती है, तो उसकी त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाए। इस फैसले से विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा है, जो इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उछालने की कोशिश में था।

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