अमेरिका को भाया भारतीय स्वाद! बासमती चावल पर टैरिफ में भारी कटौती, किसानों को होगा सीधा फायदा

भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते के बाद एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमेरिका ने भारत से 5,000 टन बासमती चावल खरीदने के लिए एक कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। ‘इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन’ (IREF) के अनुसार, यह समझौता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी सरकार ने भारतीय चावल पर लगने वाले आयात शुल्क (Duty) को 50% से घटाकर अब केवल 18% कर दिया है।
किसानों के हित में बड़ा फैसला: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यह समझौता पूरी तरह से भारतीय किसानों के हितों को सुरक्षित रखकर किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिकी बाजार में भारतीय बासमती की मांग बढ़ने से किसानों की आय में सीधे तौर पर इजाफा होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य फसलों और डेयरी उत्पादों को इस व्यापारिक डील में पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
व्यापारिक आंकड़े और नई उम्मीदें: वित्त वर्ष 2025-26 के पहले आठ महीनों में ही भारत ने अमेरिका को लगभग 2 लाख टन बासमती निर्यात किया है। शुल्क में कटौती के बाद अब यह आंकड़ा पिछले साल के 2.74 लाख टन के रिकॉर्ड को पार करने की उम्मीद है। यह डील पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुरू हुई द्विपक्षीय व्यापार वार्ता (BTA) का ही परिणाम है, जिसका उद्देश्य सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
सजावटी टैरिफ में राहत: इस समझौते के तहत भारत ने भी अमेरिका से आने वाले कुछ उत्पादों जैसे सूखे मेवे, सोयाबीन तेल और वाइन पर आयात शुल्क कम करने का फैसला किया है। यह ‘गिव एंड टेक’ पॉलिसी दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी, जिससे भारतीय कृषि उत्पादों के लिए ग्लोबल मार्केट में बड़े अवसर पैदा होंगे।