अजित पवार विमान हादसा! आखिरी पलों में क्या बात हुई? ब्लैक बॉक्स की जांच के लिए विदेशी एक्सपर्ट्स की मदद

अजित पवार के दुखद विमान हादसे की जांच अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जाते समय हुए इस हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अब विदेशी विशेषज्ञों की सहायता ले रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान के क्षतिग्रस्त ककपीट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से डेटा निकालने के लिए निर्माता देश (अमेरिका) के विशेषज्ञों से संपर्क किया गया है।
अत्यधिक गर्मी से डेटा को नुकसान: हादसे के बाद बरामद किए गए दोनों रिकॉर्डर—डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर—आग की लपटों के कारण बुरी तरह जल गए थे। हालाँकि, डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से जानकारी हासिल करने में सफलता मिली है, लेकिन हनीवेल द्वारा निर्मित वॉयस रिकॉर्डर अभी भी एक पहेली बना हुआ है। इसमें पायलटों के बीच हुई आखिरी बातचीत कैद है, जो यह बता सकती है कि लैंडिंग से ठीक पहले विमान में क्या गड़बड़ी हुई थी।
अमेरिकी लैब पर टिकी उम्मीदें: चूंकि रिकॉर्डर अमेरिका में बना है, इसलिए वहां की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। एएआईबी का मानना है कि विदेशी सहायता से जले हुए चिप्स से भी डेटा रिकवर किया जा सकता है। यह जांच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी और पूरा देश इसके पीछे की वजह जानना चाहता है।
ब्लैक बॉक्स का रहस्य: उज्ज्वल नारंगी रंग का यह ‘ब्लैक बॉक्स’ विमान की गति, ऊंचाई और इंजन की स्थिति के साथ-साथ पायलटों की बातचीत का भी रिकॉर्ड रखता है। अब सबकी नजरें विदेशी विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह केवल एक तकनीकी खराबी थी या मौसम का कहर? कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का विश्लेषण ही इस रहस्य से पर्दा उठाएगा।