शांतिनिकेतन में ‘मुन्नाभाई MBBS’ स्टाइल फर्जीवाड़ा! बेड पर फर्जी मरीज सुलाकर पीजी कोर्स की मांगी अनुमति

बीरभूम के बोलपुर स्थित शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज में ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ फिल्म जैसा चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मेडिकल कॉलेज ने पीजी (Post Graduate) कोर्स की अनुमति पाने के लिए अस्पताल के बेड पर ‘फर्जी’ मरीजों को सुला रखा था। बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान जस्टिस ऋतब्रत कुमार मित्रा ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या यह मुन्नाभाई एमबीबीएस चल रहा है?” कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू करने पर रोक लगा दी है।
यह मेडिकल कॉलेज मलय पीठ का है, जो मवेशी तस्करी मामले में आरोपी और अनुव्रत मंडल के करीबी माने जाते हैं। एनएमसी ने कोर्ट को बताया कि कॉलेज ने 16 विषयों में पीजी कोर्स शुरू करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन वहां न तो पर्याप्त बुनियादी ढांचा है और न ही डॉक्टर। नियम के अनुसार जहां 15 प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां केवल 3 मिले। हद तो तब हो गई जब बेड पर लेटे मरीजों की कोई ‘केस हिस्ट्री’ तक नहीं मिली। अदालत ने अब एनएमसी को तीन दिनों के भीतर दोबारा निरीक्षण करने का आदेश दिया है। इस घोटाले के सामने आने के बाद शिक्षा और स्वास्थ्य जगत में हड़कंप मच गया है।