‘मैं बेरोजगार हूं, यह मेरा हक है!’ सरकारी भत्ते के लिए लाइन में लगीं बीजेपी की महिला नेता

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक दिलचस्प वाकया सामने आया है। पुरुलिया के बराबाजार ब्लॉक में राज्य सरकार की ‘युवा साथी’ (बेरोजगार भत्ता) योजना के कैंप में एक बीजेपी नेत्री को फॉर्म भरते देख लोग दंग रह गए। ये कोई और नहीं, बल्कि बांदवान मंडल-2 की बीजेपी उपाध्यक्ष मल्लिका भुइयां हैं। एक तरफ जहां बीजेपी ममता सरकार की खैरात वाली योजनाओं की आलोचना करती है, वहीं उनकी अपनी नेता का इस लाइन में खड़ा होना चर्चा का विषय बन गया है।

सिद्धो कान्हो बिरसा विश्वविद्यालय से संस्कृत में एमए कर रही मल्लिका ने अपने इस कदम का बेबाकी से बचाव किया है। उन्होंने कहा, “मैं एक छात्रा हूं और फिलहाल बेरोजगार हूं। अगर मेरे पास नौकरी होती, तो मुझे इस भत्ते के लिए नहीं दौड़ना पड़ता। पार्टी इस सिस्टम का विरोध करती है क्योंकि वह रोजगार चाहती है, भत्ता नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि चूंकि वह राज्य की नागरिक हैं और उनके पास काम नहीं है, इसलिए यह भत्ता पाना उनका अधिकार है।

इस घटना के बाद सत्ताधारी खेमा टीएमसी बीजेपी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगा रहा है। हालांकि, मल्लिका के इस साहसिक बयान ने नई बहस छेड़ दी है कि क्या राजनीतिक विचारधारा और व्यक्तिगत जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं।

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