बेरोजगारी भत्ता अच्छा है’: टीएमसी की योजना की तारीफ कर फंसी बीजेपी नेता? सुकांता मजूमदार ने दिया जवाब

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के बीच ‘युवा साथी’ (बेरोजगारी भत्ता) योजना को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। हुगली के गोघाट में बीजेपी की एक वरिष्ठ महिला नेता को राज्य सरकार की इस योजना के लिए लाइन में खड़े होकर फॉर्म भरते देखा गया। आरामबाग टाउन महिला मोर्चा की संयोजक सुदेशना अधिकारी मोहंता ने न केवल फॉर्म भरा, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस पहल की सराहना भी की।

सुदेशना मोहंता का कहना है कि वह अपने बेटे के लिए बेरोजगारी भत्ते का आवेदन करने आई थीं। उन्होंने मीडिया से कहा, “यह योजना वाकई अच्छी है। कई बेरोजगार युवाओं के पास प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने के लिए पैसे नहीं होते, उनके लिए यह ₹1500 बहुत मददगार साबित होंगे। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देती हूं।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पैसा टीएमसी का नहीं बल्कि जनता के टैक्स का है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर टीएमसी कहती है कि यह उनका निजी पैसा है, तो मैं अभी फॉर्म छोड़कर चली जाऊंगी।”

इस घटना ने बंगाल में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। टीएमसी के ब्लॉक अध्यक्ष सोमेन दिगार ने दावा किया कि बीजेपी नेता ने बेटे के बजाय अपने ही नाम से फॉर्म जमा किया है। उन्होंने कहा कि यह ममता बनर्जी की ‘मानवीय’ छवि की जीत है। दूसरी ओर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का पूरा अधिकार है क्योंकि वे भी टैक्स भरते हैं। यह पैसा किसी की पैतृक संपत्ति नहीं है।” बेरोजगारी भत्ते को लेकर छिड़ी यह बहस अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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