बड़ी खबर: ‘बेटे को खोने जैसा दुख!’ प्रतीक उर का इस्तीफा मंजूर, मोहम्मद सलीम के बयान से बंगाल की राजनीति में हड़कंप!

बंगाल चुनाव से ठीक पहले सीपीआईएम (CPIM) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के युवा चेहरा प्रतीक उर ने औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राज्य कमेटी ने स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार को राज्य कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मोहम्मद सलीम ने इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने भावुक होते हुए प्रतीक के जाने की तुलना ‘संतान खोने’ से की, लेकिन साथ ही कुछ कड़े संकेत भी दिए।
सलीम का बड़ा खुलासा: मोहम्मद सलीम ने कहा, “नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को तैयार करने में पार्टी बहुत निवेश करती है। ऐसे कार्यकर्ता को खोना किसी बच्चे को खोने जैसा है।” हालांकि, उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पिछले दो महीनों से प्रतीक के खिलाफ कुछ शिकायतें मिल रही थीं। सलीम के मुताबिक, जब पार्टी उन शिकायतों की जांच कर रही थी, तभी प्रतीक का पार्टी से संपर्क (Contact) कम होने लगा और उनके कहीं और ‘संपर्क’ बढ़ने की खबरें आईं।
चुनावी गठबंधन और रणनीति: प्रतीक उर के मामले के अलावा, सलीम ने आगामी चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वाम मोर्चे के सहयोगियों के साथ बातचीत जारी है और २७ फरवरी को पोलित ब्यूरो की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल को बचाने के लिए वामपंथ का पुनरुत्थान अनिवार्य है।
आंदोलन का रास्ता: देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल का जिक्र करते हुए सलीम ने कहा कि लाखों लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं और सीपीआईएम हमेशा मेहनतकशों के साथ खड़ी है। लेकिन प्रतीक उर जैसे उभरते नेता का पार्टी छोड़ना चुनावी मौसम में वामपंथियों के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।