मालदा में पटरी पर लौटेगा उद्योग! CEO मयूरी बसु ने खुद संभाली कमान, क्या सुलझेगा लाल फीताशाही का जंजाल?

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ठप पड़े उद्योगों को फिर से रफ्तार देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। भारी निवेश की घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को कम करने के लिए शुक्रवार को पश्चिम बंगाल औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम (WBIIDC) की सीईओ मयूरी बसु ने मालदा इंडस्ट्रियल पार्क का दौरा किया। उत्तर बंगाल के दौरे पर आईं सीईओ ने जिले के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ एक बंद कमरे में मैराथन बैठक की और उनकी समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिया।
बैठक के दौरान उद्योगपतियों ने स्पष्ट किया कि निवेश की कमी नहीं है, बल्कि बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति उनके रास्ते का रोड़ा बन रही है। नारायणपुर इंडस्ट्रियल पार्क में खराब सड़कें, जल निकासी की समस्या और बिजली की कटौती जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योगपतियों ने शिकायत की कि सरकारी दफ्तरों की जटिल प्रक्रिया और ‘लाल फीताशाही’ के कारण कई प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबे रह जाते हैं।
मालदा इंडस्ट्रियल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सौरव ताकरीवाल ने कहा, “सीईओ ने हमारी शिकायतों को गंभीरता से सुना है। एक साल बाद उनका यह दौरा मालदा के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है। हमने मांग की है कि बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि नए निवेशक यहां आ सकें।” हालांकि सीईओ ने मीडिया से सीधे बात नहीं की, लेकिन इस बैठक के बाद औद्योगिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह है कि ये आश्वासन जमीन पर कितनी जल्दी उतरते हैं।