सिलीगुड़ी नगर निगम की बढ़ी टेंशन! सरकारी दफ्तरों पर बकाया है १८ करोड़ का टैक्स, क्या होगी कार्रवाई?

सिलीगुड़ी नगर निगम इन दिनों अपने राजस्व को लेकर गहरी चिंता में है। केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों पर संपत्ति कर (Property Tax) के रूप में लगभग १८ करोड़ रुपये का बकाया है। इस भारी भरकम राशि की वसूली निगम के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। मेयर गौतम देब के नेतृत्व में नगर निगम अब इस बकाये को वसूलने के लिए सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रहा है।

नगर निगम के राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष २०२५-२६ के शुरुआती सात महीनों में १०.८१ करोड़ रुपये का टैक्स वसूला जा चुका है। निगम ने अगले चार महीनों में १४ करोड़ रुपये और वसूलने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। रिकॉर्ड बताते हैं कि राज्य सरकार के ४६ कार्यालयों पर १४.०२ करोड़ रुपये और केंद्र सरकार के ५ कार्यालयों पर ४.०६ करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज बकाया है।

राजस्व बढ़ाने के लिए नगर निगम ने होल्डिंग नंबरों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया है, जिससे आय में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि, सख्त रुख के बावजूद मेयर ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए स्कूलों, मदरसों, धार्मिक स्थलों, चैरिटेबल ट्रस्ट और सोसायटियों को संपत्ति कर में छूट देने का प्रस्ताव दिया है।

मेयर गौतम देब ने कहा, “पिछले सात महीनों की वसूली पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रही है। हम बकाया वसूली के लिए विभागों से संपर्क कर रहे हैं। साथ ही, हमने सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों को राहत देने का भी निर्णय लिया है।” अब देखना यह होगा कि सरकारी विभाग कब तक निगम का यह बकाया चुकाते हैं ताकि शहर के विकास कार्यों को गति मिल सके।

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