क्या असुरक्षित है ‘स्वदेशी’ तेजस? २ साल में तीसरी बड़ी दुर्घटना से भारतीय वायुसेना में हड़कंप

भारतीय वायुसेना का गौरव माना जाने वाला स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (Tejas) एक बार फिर दुर्घटना का शिकार हो गया है। नई दिल्ली में एक नियमित प्रशिक्षण सत्र के बाद लैंडिंग के दौरान विमान हादसे का शिकार हुआ। गनीमत रही कि पायलट ने सही समय पर विमान से कूदकर (Eject) अपनी जान बचा ली। हालांकि, विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और वायुसेना ने इसे अब ऑपरेशन के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया है।
लगातार तीसरी दुर्घटना: २०२४ के बाद से यह तेजस की तीसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले मार्च २०२४ में जैसलमेर और नवंबर २०२५ में दुबई एयरशो के दौरान भी तेजस क्रैश हुआ था। शुरुआती जांच में लैंडिंग के समय ‘ब्रेक फेल’ होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण विमान रनवे से फिसलकर गड्ढे में जा गिरा। विमान के एयरफ्रेम को इतनी गंभीर क्षति पहुंची है कि इसे अब दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
वायुसेना का सख्त कदम: हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने सुरक्षा जांच पूरी होने तक तेजस के पूरे बेड़े (Fleet) की उड़ानों पर फिलहाल रोक लगा दी है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और वायुसेना की एक संयुक्त टीम तकनीकी खामियों की जांच कर रही है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत बने इस विमान की सुरक्षा और मेंटेनेंस पर अब रक्षा विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि बार-बार हो रहे हादसों से सेना की ऑपरेशनल क्षमता प्रभावित हो सकती है।