लाइट जलाकर सोना सेहत के लिए खतरा! मेलाटोनिन हार्मोन पर पड़ता है बुरा असर

नींद हमारी सेहत का आधार है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोते समय आपके कमरे की लाइट आपकी सेहत बिगाड़ सकती है? नींद विशेषज्ञों का मानना है कि रोशनी में सोने से शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी (Biological Clock) बाधित होती है। जब आप रोशनी में सोते हैं, तो मस्तिष्क ‘मेलाटोनिन’ हार्मोन का उत्पादन कम कर देता है, जो गहरी नींद और शरीर की रिकवरी के लिए अनिवार्य है।

रोशनी में सोने के नुकसान: १. मेटाबॉलिज्म पर असर: रात में कृत्रिम रोशनी के संपर्क में रहने से वजन बढ़ने और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है। २. दिल की सेहत: शोध बताते हैं कि रोशनी में सोने से हृदय गति और रक्तचाप का प्रबंधन बिगड़ सकता है। ३. नींद की गुणवत्ता: लाइट की वजह से मस्तिष्क पूरी तरह ‘नाइट मोड’ में नहीं जा पाता, जिससे आपकी नींद कच्ची रहती है और सुबह थकान महसूस होती है।

विशेषज्ञों की सलाह: एलईडी बल्ब या स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी सबसे ज्यादा हानिकारक है। यदि आपको अंधेरे में डर लगता है या बच्चों के लिए रोशनी जरूरी है, तो बहुत धीमी और ‘वार्म’ (पीली) लाइट का उपयोग करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक अंधेरा और शांत कमरा ही गहरी नींद और लंबी उम्र के लिए सबसे अच्छा है।

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