वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप! बंगाल कांग्रेस घेरेगी चुनाव आयोग का दफ्तर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य में सियासी पारा चढ़ने लगा है। मतदाता सूची (Voter List) में गड़बड़ी और फर्जी नामों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने अब सीधे चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने घोषणा की कि त्रुटिमुक्त वोटर लिस्ट की मांग को लेकर आगामी २७ फरवरी को कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के सामने २४ घंटे का धरना दिया जाएगा।
शुभंकर सरकार का आरोप है कि ४ नवंबर २०२५ से शुरू हुई ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ के नाम पर लगभग एक करोड़ मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, जो कानूनी रूप से संदिग्ध है। कांग्रेस की मांग है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम कटना नहीं चाहिए और २८ फरवरी तक पारदर्शी अंतिम सूची जारी की जानी चाहिए।
साथ ही, दिल्ली में एआई सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘नग्नता’ कहे जाने पर शुभंकर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जब व्यवस्था नंगी हो जाती है, तो उसे आईना दिखाने के लिए ऐसे ही विरोध की जरूरत होती है।” इसके विरोध में मंगलवार को कोलकाता में एक ‘अनोखे’ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।
कांग्रेस ने पांच सूत्री मांगें रखी हैं, जिसमें चुनाव आयोग और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए शुभंकर सरकार ने कहा कि आयोग अपनी विश्वसनीयता खो चुका है, इसलिए अब सड़कों पर उतरना ही एकमात्र रास्ता है।