भारत में एआई छीन सकता है २६ प्रतिशत नौकरियां रिपोर्ट ने उड़ाई नींद

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के हालिया दस्तावेज ने भारतीय जॉब मार्केट में खलबली मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग २६ प्रतिशत नौकरियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण खतरे में हैं। इसमें सबसे ज्यादा जोखिम उन युवाओं पर है जो शुरुआती स्तर के पदों पर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते प्रभाव से बचने का एकमात्र तरीका खुद को इस नई तकनीक के अनुसार ढालना और कौशल विकसित करना है।
जादवपुर विश्वविद्यालय और आईएसआई के प्रोफेसरों का सुझाव है कि एआई से डरने के बजाय इसे एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करना सीखना होगा। शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर छात्रों को उन बारीकियों को सिखाना होगा जो एआई नहीं कर सकता। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि सरकार और संस्थाएं सही नीतियां अपनाएं और कर्मचारियों को फिर से प्रशिक्षित करें, तो एआई विकास दर बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है। भविष्य की चुनौतियों के लिए नई तकनीक में महारत हासिल करना अनिवार्य है।