“पुतिन का मतलब जंग, सरेंडर का मतलब खात्मा!” युद्ध के ५वें साल में प्रवेश से पहले जेलेंस्की की ललकार

रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने वाले हैं। इस लंबी और विनाशकारी जंग से यूक्रेनी जनता थक चुकी है, लेकिन राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का हौसला अब भी बुलंद है। CNN को दिए एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने दो टूक कहा कि थकान को आत्मसमर्पण में नहीं बदला जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि मॉस्को की शर्तें मानने का मतलब है अपने देश और वजूद को हमेशा के लिए खो देना।
पुतिन की तानाशाही पर हमला: जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “पुतिन का मतलब ही युद्ध है। उनके लिए पूरा रूस एक जेल बन चुका है।” उन्होंने कहा कि डोनेट्स्क जैसे क्षेत्रों से सेना हटाना ‘मूर्खता’ होगी। वहां रहने वाले २ लाख लोगों को पुतिन के भरोसे छोड़ने का मतलब उन्हें रूसी बनने या मरने के लिए मजबूर करना है।
अमेरिका और ट्रंप को संदेश: डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेते हुए जेलेंस्की ने कहा कि वाशिंगटन की भूमिका इस युद्ध को रोकने में सबसे अहम है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप रूस पर पर्याप्त दबाव बना रहे हैं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से “नहीं” कहा। उन्होंने मांग की कि किसी भी शांति समझौते से पहले सुरक्षा की पुख्ता गारंटी मिलनी चाहिए।
तीसरे विश्व युद्ध की आहट: जेलेंस्की के अनुसार, तीसरा विश्व युद्ध पहले ही शुरू हो चुका है और यूक्रेन इस समय दुनिया की रक्षा के लिए ‘आउटपोस्ट’ की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय पार्टनर एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक मिसाइलें मुहैया कराएं, तो यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और बच्चों की शिक्षा सुरक्षित रह सकेगी। उन्होंने चुनाव स्थगित करने के फैसले का भी बचाव करते हुए कहा कि मार्शल लॉ के दौरान मतदान संभव नहीं है।