संदीप घोष को हाईकोर्ट से झटका! आरजी कर वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में जमानत खारिज, जेल में ही रहेंगे पूर्व प्रिंसिपल

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और उनके सहयोगियों के लिए सोमवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में संदीप घोष सहित पांच आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि जांच अभी भी एक नाजुक मोड़ पर है, और इस समय आरोपियों को रिहा करना न्याय के हित में नहीं होगा।
हाईकोर्ट ने संदीप घोष के साथ-साथ अफसार अली खान, बिप्लव सिन्हा, सुमन हाजरा और आशीष पांडे की अर्जी भी नामंजूर कर दी। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, संदीप घोष ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निविदा (Tender) प्रक्रिया में धांधली की और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। अदालत का मानना है कि अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं और आरोपियों की रिहाई से गवाहों को खतरा हो सकता है।
ज्ञात हो कि अगस्त 2024 में आरजी कर में हुए जघन्य बलात्कार और हत्या कांड के बाद से ही अस्पताल के वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू हुई थी। हालांकि संदीप घोष को बलात्कार मामले में दिसंबर में जमानत मिल गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले ने उन्हें सलाखों के पीछे रोके रखा है। सोमवार के फैसले के बाद यह साफ है कि संदीप घोष और उनके करीबियों को अभी लंबे समय तक अलीपुर जेल की हवा खानी पड़ेगी।