सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी डीए पर सन्नाटा! पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ ‘अवमानना’ का मामला दर्ज

पश्चिम बंगाल में बकाया महंगाई भत्ते (DA) को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकारी कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बावजूद राज्य सरकार की खामोशी ने कर्मचारियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ‘संग्रामी जोउथो मंच’ द्वारा अदालत की अवमानना (Contempt of Court) का मामला दर्ज करने के बाद, अब ‘कन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज’ भी सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी को अपने अंतिम फैसले में स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार को कर्मचारियों का 100% बकाया डीए चुकाना होगा। अदालत ने आदेश दिया था कि 25% बकाया तुरंत दिया जाए और बाकी भुगतान की योजना 6 मार्च तक पेश की जाए। हालांकि, दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। कन्फेडरेशन के महासचिव मलय मुखोपाध्याय के अनुसार, कानूनी सलाह के बाद अब सरकार को कोर्ट में घेरने की पूरी तैयारी है।

इससे पहले राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और वित्त सचिव प्रभात कुमार मिश्रा को कानूनी नोटिस भी भेजा गया था, जिसका कोई जवाब नहीं मिला। इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में अवमानना मामले की सुनवाई होने की संभावना है। यदि 6 मार्च तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो अदालत की नाराजगी राज्य सरकार की मुश्किलें और बढ़ा सकती है। बंगाल के लाखों कर्मचारी अब अपनी बकाया राशि के लिए अंतिम कानूनी लड़ाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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