“IAS-आतंकी यहाँ से पकड़े जा रहे हैं,” शमिक ने अल्पसंख्यकों को उकसावे से बचने की दी सलाह

पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य ने राज्य की कानून-व्यवस्था और वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘प्रशासन’ का अस्तित्व खत्म हो चुका है और यह केवल ‘तृणमूल की सरकार’ बनकर रह गई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें जजों की निगरानी में SIR कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है, जिसे उन्होंने राज्य के नौकरशाहों की विश्वसनीयता की हार बताया।

न्यायपालिका और नौकरशाही पर निशाना: शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जजों को दूसरे राज्यों से लाना पड़ रहा है और वे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इसका मतलब है कि बंगाल में ‘Judiciary is under Threat’। राज्य के मुख्य सचिव (CS) आम लोगों की सेवा करने के बजाय सरकार न बदलने का दावा कर अधिकारियों का मनोबल बढ़ा रहे हैं, जो किसी भी उच्च पदस्थ अधिकारी के लिए अशोभनीय है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीओ और एसडीओ पर झूठे दस्तावेज अपलोड करने का दबाव बनाया जा रहा है।

चुनाव और सुरक्षा की चुनौतियां: भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि “त्रुटिहीन मतदाता सूची के बिना चुनाव संभव नहीं है। अगर देश के 11 अन्य राज्यों में SIR प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी हो सकती है, तो बंगाल में ही हिंसा और विरोध क्यों?” उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा करने का निमंत्रण दिया।

अपराध और अल्पसंख्यक मुद्दा: राज्य को ‘अपराधियों का प्रजनन स्थल’ बताते हुए उन्होंने कहा कि आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन बंगाल की मिट्टी का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे तृणमूल नेताओं के बहकावे में न आएं। उन्होंने गुजरात और बंगाल के मुसलमानों की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने यहाँ के अल्पसंख्यकों का विकास रोक दिया है।

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