Kolkata Metro Update: बिजली गुल होने पर भी नहीं थमेंगे पहिए, मेट्रो ने शुरू किया नया ‘माइक्रो ग्रिड सिस्टम’

कोलकाता मेट्रो के सफर को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। अक्सर बिजली गुल होने के कारण मेट्रो टनल के बीच में ही फंस जाती थी, जिससे यात्रियों को घुटन और अंधेरे का सामना करना पड़ता था। अब इस समस्या को खत्म करने के लिए मेट्रो रेलवे ने एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ शुरू किया है। इसके तहत ६.४ मेगावाट ऑवर की क्षमता वाली बैटरी का उपयोग किया जाएगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम? मेट्रो के महाप्रबंधक शुभांशु शेखर मिश्रा ने बताया कि ‘माइक्रो ग्रिड सिस्टम’ के जरिए अब बिजली जाने पर भी ट्रेन को नजदीकी स्टेशन तक पहुँचाना संभव होगा। यदि पावर सप्लाई अचानक कट जाती है, तो यह शक्तिशाली बैटरी सिस्टम तुरंत बैकअप देगा। इससे न केवल ट्रेन चलेगी, बल्कि डिब्बों के अंदर लाइट और वेंटिलेशन भी चालू रहेगा।
ब्लू लाइन से शुरुआत: फिलहाल यह प्रोजेक्ट दक्षिणेश्वर-कवि सुभाष (ब्लू लाइन) के लिए शुरू किया गया है। अतीत में इस रूट पर कई बार बिजली की खराबी के कारण यात्री घंटों फंসে रहे हैं। मेट्रो अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नई तकनीक के आने से यात्रियों की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी और तकनीकी खराबी के दौरान भी लोग सुरक्षित महसूस करेंगे।