पाकिस्तान की जेल में कैद नामखाना के ३ मछुआरे! ३ साल से रिहाई का इंतजार कर रहा है बंगाल का परिवार

रोजी-रोटी की तलाश में बंगाल छोड़कर गुजरात गए दक्षिण २४ परगना के तीन मछुआरे पिछले तीन साल से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। नामखाना के नादाभांगा गांव के तपन महापात्र, काशीनाथ मंडल और दिलीप बाग २०२३ में अरब सागर में मछली पकड़ने के दौरान गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे, जिसके बाद पाक नौसेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
परिवार की बेबसी: ये तीनों अपने परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। इनके बिना परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। तपन की पत्नी ममता महापात्र ने रोते हुए कहा, “हमें कुछ नहीं चाहिए, बस मेरे पति को वापस ले आइए।” २०২৪ के बाद से जेल से कोई पत्र न आने के कारण परिवार किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है।
सांसद का आश्वासन: मथुरापुर के तृणमूल सांसद बापी हलदर ने बुधवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा गया है। वहीं बीजेपी ने भी केंद्र सरकार से इन मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाने की बात कही है।