आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उड़ान! विशाखापत्तनम में ICC डिफेंस समिट ने दिखाया स्वदेशी दम

भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशाखापत्तनम में आयोजित ‘आईसीसी डिफेंस स्टार्टअप एंड ऑटोनॉमस सिस्टम समिट’ एक मील का पत्थर साबित हुई है। इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश के शीर्ष रक्षा अधिकारियों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों ने शिरकत की। सम्मेलन का मुख्य केंद्र भारतीय रक्षा उद्योग को पूरी तरह स्वदेशी और आधुनिक बनाना रहा।

पूर्वी नौसेना कमान के वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए एक तकनीकी रूप से उन्नत नौसेना का होना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्षा उपकरणों का घरेलू उत्पादन केवल एक आर्थिक विकल्प नहीं, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता के लिए एक आवश्यकता है।

सम्मेलन में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स (GRSE) के सीएमडी कमोडोर पी.आर. हरि ने एमएसएमई (MSME) और स्टार्टअप्स को रक्षा क्षेत्र का ‘इनोवेशन इंजन’ बताया। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों का सहयोग एक मजबूत रक्षा इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा। इस अवसर पर 18 से अधिक ड्रोन और रक्षा स्टार्टअप्स ने अपने अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया। साथ ही, “डिफेंस प्रोडक्शन पॉवरिंग इंडस्ट्रियल ग्रोथ” शीर्षक वाली एक रिपोर्ट भी जारी की गई, जो रक्षा क्षेत्र के माध्यम से रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को रेखांकित करती है।

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