रेड फोर्ट सुसाइड अटैक में बड़ा खुलासा! अल-कायदा से जुड़े ‘अंसार गजवतुल हिंद’ के सदस्यों से उगलवाए जाएंगे राज

नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण आत्मघाती कार विस्फोट मामले में एनआईए (NIA) को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों, तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद आहंगर को 10 दिनों की एनआईए कस्टडी में भेज दिया है। जांच एजेंसी ने आतंकी नेटवर्क और भविष्य की साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए इनकी 15 दिनों की रिमांड मांगी थी।

एनआईए के अनुसार, ये दोनों आरोपी जम्मू-कश्मीर स्थित आतंकी संगठन ‘अंसार गजवतुल हिंद’ (AGH) से जुड़े हैं, जिसे अल-कायदा की एक शाखा माना जाता है। आरोप है कि ये आतंकी हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा जमा कर रहे थे। पिछले साल 10 नवंबर को फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर उन नबी ने कार में विस्फोट कर खुदकुशी की थी, जिसमें 15 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। जांच में पाया गया है कि जमीर को उमर और उसके साथियों ने राइफल और पिस्तौल मुहैया कराई थी।

अदालत का यह फैसला सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में चांदनी चौक के मंदिरों और लाल किले पर फिर से हमले की चेतावनी दी है। एनआईए का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद कश्मीर से दिल्ली तक फैले इस आतंकी मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई लाइन का पता लगाया जा सकेगा। फिलहाल, फरवरी में अदालत ने जांच की अवधि 45 दिन और बढ़ा दी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *