वोटर लिस्ट पर संकट! २००० जजों की कमी से मचा हड़कंप, क्या समय पर होगा काम?

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची (Voter List) के सत्यापन को लेकर चुनाव आयोग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के भीतर डेटा सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लगभग २००० न्यायाधीशों या जांच अधिकारियों की आवश्यकता है। वर्तमान में, तैनात अधिकारियों की संख्या इस आवश्यकता से बहुत कम है।

समय की कमी और ६० लाख डेटा का बोझ आयोग ने अब तक ५३२ न्यायाधीशों को नियुक्त किया है और अतिरिक्त नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। हालांकि, मुख्य समस्या ‘डेडलाइन’ की है। लगभग ६० लाख सूचनाओं के सत्यापन के लिए वर्तमान मैनपावर अपर्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, गुरुवार शाम ५ बजे तक सभी शेष डेटा जजों को सौंपना अनिवार्य है। प्रशासनिक हलकों में चिंता इस बात को लेकर है कि क्या इतनी बड़ी मात्रा में डेटा का मिलान समय पर पूरा हो पाएगा।

विवाद और पुलिसिया कार्रवाई चुनाव तैयारियों के बीच कोलकाता में राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को देखकर बीएलओ (BLO) द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। इस घटना पर कोलकाता पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग का रुख स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हाई-राइज बिल्डिंगों में नए बूथ: एक नई पहल वोटर टर्नआउट बढ़ाने और मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग अब बहुमंजिला इमारतों (High-rise buildings) में बूथ बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। पहले राज्य में केवल २१ ऐसे बूथ थे, लेकिन अब ५७ नई बहुमंजिला इमारतों में बूथ बनाए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या ७८ हो गई है।

जिलावार सूची:

  • दक्षिण २४ परगना: २५ बूथ
  • उत्तर २४ परगনা: १६ बूथ
  • उत्तर कोलकाता: ५ बूथ
  • हावड़ा: ४ बूथ
  • हुगली और पूर्व बर्धमान: ३-३ बूथ
  • दक्षिण कोलकाता: १ बूथ

आयोग के अनुसार, इन इमारतों में कम से कम ३०० मतदाता होना अनिवार्य है। यह कदम शहरी मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर डेटा वेरिफिकेशन पूरा करना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *