‘क्या NIA केस डायरी लेकर भाग जाएगी?’, बेलडांगा मामले में पुलिस को कोर्ट की कड़ी फटकार!

मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुई हिंसा की जांच को लेकर एनआईए (NIA) की विशेष अदालत में आज राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के बीच तीखी बहस हुई। एनआईए कोर्ट की कार्यवाहक न्यायाधीश श्रुतिरूपा घोष माजी ने केस डायरी सौंपने में देरी करने पर राज्य पुलिस को जमकर फटकार लगाई। जज ने सख्त लहजे में पूछा, “अदालत का आदेश होने के बावजूद आप इसका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या एनआईए केस डायरी लेकर भाग जाएगी?”
अदालत में एनआईए के वकील ने दलील दी कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर वे जांच कर रहे हैं, लेकिन पुलिस सहयोग नहीं कर रही है। आरोपी उनकी हिरासत में नहीं हैं, जिससे जांच रुकी हुई है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट देने में दिक्कत हो रही है। एनआईए ने यह भी कहा कि पुलिस के असहयोग के कारण ही जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ा। वहीं, राज्य के वकील ने तर्क दिया कि एनआईए की जांच के अधिकार क्षेत्र को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है, इसलिए सुनवाई के लिए कुछ समय दिया जाए।
जज ने राज्य की दलीलों पर असंतोष जताते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने केस डायरी सौंपने पर कोई मौखिक या लिखित रोक नहीं लगाई है। इस खींचतान के बीच आरोपियों के वकील भी असमंजस में दिखे कि वे जमानत के लिए किस एजेंसी के पास गुहार लगाएं। हालांकि, कोर्ट के सख्त रुख के बाद मुर्शिदाबाद जिला पुलिस ने नरम रुख अपनाया और भारी सुरक्षा के बीच आरोपियों को बहरामपुर जेल से कोलकाता स्थित एनआईए कोर्ट लाया गया। इससे पहले तीन बार पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों की कमी का हवाला देकर कोर्ट के आदेश को टाल दिया था।