DA की मांग पर कोलकाता में संग्राम! कालीघाट मार्च को पुलिस ने रोका, बीच सड़क पर धरने पर बैठे कर्मचारी

बकाया महंगाई भत्ते (DA) की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों ने आज कोलकाता की सड़कों पर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद २५% बकाया डीए पर राज्य सरकार की चुप्पी से नाराज हजारों कर्मियों ने ‘कालीघाट चलो’ अभियान शुरू किया। हालांकि, पुलिस ने धर्मतला के पास बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर वहीं बैठ गए।
सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने १ अप्रैल २००८ से ३१ दिसंबर २०१९ तक के बकेय डीए को कर्मचारियों का अधिकार बताया है। कोर्ट के निर्देशानुसार ३१ मार्च तक २५% बकाया भुगतान होना है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई बयान नहीं दिया है। इसी के विरोध में आज डोरीना क्रॉसिंग पर कर्मचारियों ने कब्जा कर लिया, जिससे पूरे मध्य कोलकाता में यातायात व्यवस्था ठप हो गई है।
आंदोलनकारियों की मांग है कि या तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या मुख्य सचिव खुद आकर उनसे बात करें। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखे नारे भी लगाए गए। इस आंदोलन को नैतिक समर्थन देने के लिए आरजी कर अस्पताल की पीड़िता के माता-पिता भी मंच पर मौजूद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगे। फिलहाल पुलिस द्वारा ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा रहा है, लेकिन स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।