बादुड़िया स्वास्थ्य केंद्र बना ‘खंडहर’! शराब की बोतलें और मकड़ी के जाले, बदहाली देख दंग रह जाएंगे आप

उत्तर २४ परगना के बादुड़िया स्थित मासिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अपनी सेवाओं के लिए नहीं, बल्कि भारी अव्यवस्था और लापरवाही के लिए चर्चा में है। अस्पताल के बगल वाली नाली से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद हुई हैं, जिसे देखकर स्थानीय लोग भड़क उठे हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां मरीजों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ता है, वहीं यहां सिरप, टैबलेट और कैप्सूल का ढेर नाली में सड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में कभी डॉक्टर नहीं मिलते। जब डॉक्टर ही नहीं होंगे, तो मरीजों को दवा कौन बांटेगा? नतीजा यह हुआ कि दवाइयां रखे-रखे एक्सपायर हो गईं और अब उन्हें चुपके से नाली में फेंक दिया गया। अस्पताल की हालत किसी खंडहर जैसी हो गई है, जहां आवारा पशु घूमते हैं और शराब की बोतलें पड़ी रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नाली में फेंकी गई ये जहरीली दवाइयां बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
इस मामले पर अस्पताल की एक नर्स ने अजीब तर्क दिया कि स्टोर रूम में दीमक लग गई थी, इसलिए दवाइयां फेंकनी पड़ीं। दूसरी ओर, बादुड़िया के बीएमओएच (BMOH) ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी और वे इसकी जांच करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि डॉक्टरों की कमी के कारण वहां नियमित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। अब सवाल यह है कि जनता के टैक्स के पैसे से खरीदी गई इन कीमती दवाओं की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है?