विजया-रश्मिका की जोड़ी ने याद दिलाई रामायण-महाभारत की सादगी, फैंस बोले- ‘साक्षात शिव-पार्वती’

जैसे ही रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, फैंस के बीच खलबली मच गई। जहां लोग उम्मीद कर रहे थे कि यह शादी बॉलीवुड के चकाचौंध भरे अंदाज में होगी, वहीं इस पावर कपल ने अपनी सादगी से सबको चौंका दिया। रश्मिका और विजय ने आधुनिक फैशन की जगह अपनी संस्कृति और जड़ों को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपनी शादी में महंगे हीरों के बजाय पारंपरिक सोने के आभूषणों को चुना।
शादी के लिबास में लाल और सफेद रंग का खूबसूरत संगम देखने को मिला। विजय ने सफेद धोती और सुनहरे काम वाला लाल उत्तरीय (दुपट्टा) पहना था। साथ ही बाजुबंद और सोने के भारी हार उनके लुक को एक शाही पारंपरिक रूप दे रहे थे। दूसरी ओर, रश्मिका लाल रंग की भारी सुनहरी कढ़ाई वाली साड़ी और मैचिंग ब्लाउज में बला की खूबसूरत लग रही थीं। सिर पर सोने का टायरा और गले में भारी सोने के गहनों ने उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा दिए।
लेकिन तस्वीरों में जो सबसे खास था, वह थी दोनों की भावनाएं। फेरों के वक्त रश्मिका की आंखें नम थीं और विजय के चेहरे पर भी खुशी और भावुकता साफ झलक रही थी। सालों का इंतजार आखिरकार शादी के बंधन में बदल गया। जैसे ही तस्वीरें वायरल हुईं, फैंस ने उन्हें ‘शिव-पार्वती’ की जोड़ी करार दिया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें देखकर रामायण और महाभारत काल की याद आती है।
विजय और रশ্মिका ने अपनी शादी के लिए ‘प्राइमल’ (Primal) थीम चुनी थी। ‘प्राइमल’ का अर्थ है जड़ों या आदिम परंपराओं की ओर लौटना। इस थीम में किसी भी तरह के दिखावे के बजाय पुरानी संस्कृति, रीति-रिवाजों और पवित्रता को महत्व दिया जाता है। यह थीम न केवल शादी को एक व्यक्तिगत और आत्मीय अनुभव देती है, बल्कि हमें अपने पूर्वजों की विरासत से भी जोड़ती है।