जर्मनी का सर्वर और डार्क वेब का जाल! बंगाल के कई जिलों में बम की धमकी वाले ई-मेल से मचा हड़कंप
पश्चिम बंगाल के चुंचुड़ा सहित कई जिलों में बम की धमकी वाले ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। राज्य पुलिस की साइबर विंग ने इस मामले की कमान संभाल ली है और शुरुआती जांच में ‘डार्क वेब’ और जर्मन आधारित सर्वर के इस्तेमाल के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है।
जांच में यह बात सामने आई है कि जिस ई-मेल आईडी से धमकी भेजी गई थी, उसे जर्मनी में बनाया गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं का मानना है कि यह केवल लोकेशन छिपाने की एक चाल हो सकती है। इसी तरह के ई-मेल हाल ही में दिल्ली और बेंगलुरु में भी प्राप्त हुए हैं, जिससे इसके पीछे किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह के होने की आशंका प्रबल हो गई है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपराधियों ने ‘टॉर’ (Tor) ब्राउज़र और एन्क्रिप्टेड ई-मेल सेवाओं का उपयोग किया है, जिससे आईपी एड्रेस को ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है।
इस तकनीक के जरिए संदेशों को अलग-अलग देशों के वर्चुअल सर्वर से रूट किया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस साजिश में पाकिस्तान जैसे देशों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल राज्य पुलिस केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर तकनीकी डेटा का विश्लेषण कर रही है। डार्क वेब के इस रहस्यमयी जाल को काटकर आरोपियों तक पहुँचना अब पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।