“बंगाल की वोटर लिस्ट से हटेंगे 1 करोड़ अवैध नाम!” नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी की दो टूक, मची सियासी खलबली

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच राजनीति गरमा गई है। रविवार को तमलुक में आयोजित एक सभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मतदाता सूची (Voter List) को लेकर ममता सरकार पर सीधा हमला बोला। शुभेंदु ने दावा किया कि बंगाल की मौजूदा वोटर लिस्ट में करीब 1 करोड़ फर्जी नाम शामिल हैं, जिनमें मृत व्यक्ति, डुप्लीकेट प्रविष्टियां और बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इन नामों को हटाया नहीं जाता, तब तक निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “मैंने बूथ स्तर पर काम किया है और मेरा अनुभव कहता है कि बिना सफाई के लोकतंत्र का यह पर्व अधूरा रहेगा।” उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी अवैध घुसपैठिये को सूची में रहने का हक नहीं है। शुभेंदु ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध भारतीय मुसलमानों से नहीं है, बल्कि उन लोगों से है जो अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आए और अब राजनीतिक फायदे के लिए मतदाता सूची का हिस्सा बन गए हैं।

शुभेंदु ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार के दबाव में कुछ अधिकारी अवैध नामों को सूची से हटाने में आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चार श्रेणियों के नाम—मृतक, फर्जी प्रविष्टियां, एक से अधिक स्थान पर नाम और विदेशी घुसपैठिए—हर हाल में हटाए जाने चाहिए। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। TMC का कहना है कि जब गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग के पास घुसपैठियों का कोई सटीक आंकड़ा नहीं है, तो शुभेंदु का ‘1 करोड़’ का दावा पूरी तरह झूठ है। चुनाव से पहले मतदाता सूची की वैधता पर छिड़ी यह जंग अब अदालत की चौखट तक पहुंच गई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *