सिलीगुड़ी में केंद्रीय बलों की दस्तक: चुनाव से पहले ही शुरू हुआ रूट मार्च, 60 लाख वोटरों के नाम अब भी अधर में!

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के औपचारिक ऐलान से पहले ही सिलीगुड़ी में केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार रात एसएसबी (SSB) की एक कंपनी सिलीगुड़ी पहुंची, जिसके बाद रविवार सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में रूट मार्च शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने जवानों के ठहरने के लिए रेलवे इंडोर स्टेडियम और महिला महाविद्यालय में इंतजाम किए हैं। सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के मुताबिक, शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल चार कंपनियां तैनात की जा रही हैं।
इसी बीच, शनिवार को जारी अंतिम मतदाता सूची ने राज्य में खलबली मचा दी है। आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 7.04 करोड़ से अधिक है, लेकिन करीब 60 लाख 6 हजार मतदाताओं के नाम अभी भी ‘विचाराधीन’ (Under Adjudication) श्रेणी में हैं। इन मतदाताओं के दस्तावेजों को लेकर विवाद अभी सुलझा नहीं है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चिंता बढ़ गई है। नक्सलबाड़ी और फांसीदेवा जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी हाल में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इसलिए मतदान की घोषणा से पहले ही जवानों को सड़कों पर उतार दिया गया है।