‘क्या वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी विचाराधीन है?’ रिचा घोष और शमी का नाम वोटर लिस्ट से गायब होने पर भड़के अभिषेक

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची (SIR) को लेकर मचे घमासान के बीच अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिषेक ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा की ‘सहायक संस्था’ की तरह काम कर रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि नोबेल विजेता अमर्त्य सेन, विश्व विजेता क्रिकेटर रिचा घोष और मोहम्मद शमी जैसे दिग्गजों के नाम भी ‘विचाराधीन’ (Under Adjudication) सूची में डाल दिए गए हैं। अभिषेक ने तंज कसते हुए पूछा, “अगर रिचा घोष का नाम संदिग्ध है, तो क्या भारत द्वारा जीती गई वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी विचाराधीन मानी जाएगी?”
अभिषेक ने आंकड़ों के जरिए आयोग को घेरते हुए सवाल किया कि 21 फरवरी तक जो लंबित मामले 14 लाख थे, वे महज एक हफ्ते में “जादुई रूप से” 60 लाख कैसे हो गए? उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 1 करोड़ 20 लाख लोगों को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ जैसी नई श्रेणी में डालकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अभिषेक के अनुसार, राज्य के मुख्य सचिव और मंत्री शशि पांजा का नाम भी इस लिस्ट में है। उन्होंने दावा किया कि कई जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है। टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि वे इस ‘अन्याय’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे और जनता की अदालत में भी भाजपा को बेनकाब करेंगे।