भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बंपर वापसी! फरवरी में तोड़ दिया 17 महीने का रिकॉर्ड

भारतीय शेयर बाजार के लिए फरवरी का महीना राहत और उत्साह लेकर आया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय इक्विटी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो पिछले 17 महीनों में किसी एक महीने का सबसे बड़ा निवेश है। पिछले तीन महीनों (नवंबर, दिसंबर और जनवरी) से लगातार हो रही बिकवाली के बाद यह सकारात्मक बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संकेत है।
निवेश बढ़ने के मुख्य कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते ने विदेशी निवेशकों के भरोसे को बहाल किया है। साथ ही, तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में भारतीय कंपनियों के मुनाफे में 14.7% की शानदार वृद्धि ने विदेशी फंडों को आकर्षित किया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि शेयरों की कीमतों में हुए सुधार (Correction) के कारण अब भारतीय बाजार विदेशी निवेशकों के लिए फिर से ‘वैल्यू फॉर मनी’ बन गया है।
सेक्टरवार स्थिति: आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और कैपिटल गुड्स में आक्रामक तरीके से खरीदारी की है। हालांकि, आईटी (IT) सेक्टर के लिए खबर अच्छी नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण आईटी क्षेत्र से 10,956 करोड़ रुपये की निकासी की गई है। गौरतलब है कि साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे, लेकिन फरवरी के इन आंकड़ों ने बाजार में नई जान फूंक दी है।