वोटर लिस्ट विवाद: बंगाल के चुनाव आयोग और सरकारी अधिकारियों के बीच ठनी! CEO के आरोप पर भड़का एसोसिएशन

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के मुद्दे पर प्रशासनिक गलियारों में घमासान मच गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय द्वारा मतदाता सूची में ‘अंडर एडजुडिकेशन’ (विचाराधीन) नामों के लिए स्थानीय अधिकारियों (ERO/AERO) को जिम्मेदार ठहराए जाने पर पश्चिम बंगाल सिविल सेवा कार्यकारी अधिकारी संघ (WBCSEOA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि वे इस लापरवाही के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं हैं।

CEO के आरोपों का खंडन विवाद तब शुरू हुआ जब CEO कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई नाम शामिल नहीं हो पाए। इसके जवाब में एसोसिएशन ने कहा कि BDO और SDO स्तर के अधिकारियों ने पूरी निष्ठा से काम किया है और सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए हैं।

ऑब्जर्वर्स पर सनसनीखेज आरोप एसोसिएशन ने दावा किया कि चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त ‘माइक्रो ऑब्जर्वर्स’ और ‘रोल ऑब्जर्वर्स’ ने बिना किसी ठोस कारण के उन फाइलों को रोक दिया जिन्हें अधिकारियों ने पहले ही क्लियर कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि ऑब्जर्वर्स ने बिना किसी टिप्पणी के फाइलें वापस भेज दीं, जिसके कारण हजारों नाम सूची में लटके हुए हैं। अधिकारियों ने इसे अपना अपमान बताते हुए कहा कि यह जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के मनोबल को गिराने की कोशिश है।

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