’60 हजार वोट काट दो, फिर भी भवानीपुर मेरा है!’ चुनाव आयोग और बीजेपी पर बरसीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए हुंकार भरी। होली मिलन समारोह के मंच पर जहां एक ओर ममता भांगड़ा और डांडिया की धुन पर थिरकती नजर आईं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय चुनाव आयोग को ‘अशुभ शक्ति’ करार देते हुए सीधा हमला बोला।
भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “साजिश के तहत मेरे क्षेत्र से 60,000 नाम काट दिए गए हैं। लेकिन मैं चुनौती देती हूं, अगर सूची में केवल एक वोट भी बचा, तो भी भवानीपुर से जीत मेरी ही होगी।” ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी हार के डर से लोकतांत्रिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है।
इस ‘अन्याय’ के खिलाफ ममता बनर्जी ने 6 अप्रैल से बड़े विरोध प्रदर्शन (धरना) का एलान किया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक सीट की नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी कीमत पर विभाजनकारी शक्तियों के सामने झुकने वाली नहीं हैं।
इसी कार्यक्रम के दौरान ममता ने प्रशासनिक मोर्चे पर भी सक्रियता दिखाई। उन्होंने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान जान गंवाने वाले 61 लोगों के परिजनों को होमगार्ड की नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। साथ ही, 3,355 करोड़ रुपये की लागत वाले कल्याणी एक्सप्रेसवे के विस्तारित हिस्से का उद्घाटन भी किया। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों और बच्चों के साथ जमकर सेल्फी खिंचवाई, लेकिन उनके भाषण ने साफ कर दिया कि 2026 की चुनावी जंग बेहद दिलचस्प होने वाली है।