कराची स्टॉक एक्सचेंज में कोहराम! 10% की गिरावट के बाद बंद हुआ बाजार, पाकिस्तान की हालत पस्त

एक ओर जहां भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक दबाव को झेलने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान का शेयर बाजार पूरी तरह धराशायी हो गया। सोमवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक (KSE-30) करीब 9.6% या 5000 अंक गिरकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि अधिकारियों को 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।

पाकिस्तान के इस आर्थिक पतन के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव। दूसरा, अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान की सीधी जंग। पाकिस्तानी सेना ने अफगान सीमा पर ‘गजब लिल हक’ (Ghazab Lil Haq) नामक सैन्य अभियान शुरू किया है, जिससे निवेशकों में भगदड़ मच गई है। तीसरा, देश के भीतर बढ़ता गृहयुद्ध जैसा माहौल। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में 10 लोगों की मौत हो गई है।

तुलना करें तो भारतीय बाजार में भी बड़ी गिरावट देखी गई, जहां निवेशकों के 17.59 लाख करोड़ रुपये डूब गए। लेकिन पाकिस्तान के विपरीत, भारत का मार्केट मैकेनिज्म स्थिर रहा और कारोबार बंद करने की नौबत नहीं आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान का बाजार अब तकनीकी रूप से बहुत कमजोर हो चुका है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि युद्ध के हालात नहीं सुधरे, तो सूचकांक 33,000 के स्तर तक गिर सकता है। पिछले एक साल की पूरी रिकवरी इस एक झटके में खत्म होने की कगार पर है।

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