शेयर बाजार की गिरावट से डरें नहीं! १५ साल का इतिहास गवाह है, युद्ध की तपिश झेलकर भी चमकेगा भारत

ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध की खबरों ने दुनिया भर के शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है, लेकिन भारतीय निवेशकों के लिए ‘एक्सिस एसेट मैनेजमेंट’ (Axis Asset Management) की एक नई रिपोर्ट राहत लेकर आई है। सोमवार को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले १५ वर्षों में वैश्विक स्तर पर हुए किसी भी बड़े युद्ध या भू-राजनीतिक संकट ने भारतीय शेयर बाजार की लंबी अवधि की रफ्तार को प्रभावित नहीं किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जब भी युद्ध जैसी स्थिति बनती है, निवेशक घबराकर ‘पैनिक सेलिंग’ (Panic Selling) शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में अस्थायी गिरावट आती है। २०११ के मध्य पूर्व संकट से लेकर वर्तमान संघर्ष तक, हर बार बाजार ने शुरुआती झटकों के बाद शानदार रिकवरी दिखाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार की ताकत कंपनियों की कमाई (Earnings Growth) और घरेलू मांग पर टिकी है, जो किसी भी बाहरी युद्ध से ज्यादा मजबूत है।

एक्सिस म्यूचुअल फंड के सीआईओ आशीष गुप्ता ने निवेशकों को सचेत करते हुए कहा, “पिछले १५ सालों में हर बड़े संघर्ष ने निवेशकों के धैर्य की परीक्षा ली है। हर बार कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ, लेकिन जिन्होंने गिरावट में बाजार का साथ नहीं छोड़ा, उन्होंने ही बाद में मोटा मुनाफा कमाया।” उन्होंने सलाह दी कि गिरावट के इस समय को डरने के बजाय अच्छे शेयरों में निवेश के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

इस रिपोर्ट का मुख्य संदेश साफ है—जब तक स्थिति वैश्विक महामंदी का रूप नहीं लेती, भारतीय बाजार अपनी आंतरिक शक्ति के दम पर वापसी करेगा। इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शॉर्ट-टर्म अस्थिरता से न घबराएं और अपने पोर्टफोलियो को विविधता के साथ संतुलित बनाए रखें।

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