EPFO गुड न्यूज: पीएफ खाताधारकों की हुई चांदी! सरकार ने किया नई ब्याज दरों का ऐलान, देखें पूरी डिटेल्स

देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भविष्य निधि (PF) जमा पर ब्याज दर की घोषणा कर दी है। सोमवार को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 239वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि कर्मचारियों को इस बार भी 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा।
लगातार दूसरे वर्ष बरकरार रही दरें: गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में भी ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही थी। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में फंड की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। सरकार की हरी झंडी मिलते ही लगभग 7 करोड़ खाताधारकों के अकाउंट में ब्याज की राशि क्रेडिट कर दी जाएगी।
बैठक के प्रमुख फैसले और सुधार: ब्याज दरों के अलावा, बोर्ड ने कर्मचारियों के हित में कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं:
- एम्नेस्टी स्कीम: आयकर मान्यता प्राप्त ट्रस्टों के कानूनी विवादों को सुलझाने के लिए ‘वन-टाइम एम्नेस्टी स्कीम’ को मंजूरी दी गई है। इससे सालों से लंबित मामलों का निपटारा होगा और श्रमिकों के हितों की रक्षा होगी।
- डिजिटल सुधार: पीएफ नियमों को सरल बनाने के लिए एक नया ‘सरलीकृत एसओपी’ (SOP) पेश किया गया है। इससे ऑडिट प्रक्रिया और फंड ट्रांसफर का काम पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल हो जाएगा।
- सामाजिक सुरक्षा 2026: ‘सोशल सिक्योरिटी कोड 2020’ के अनुरूप नई पीएफ, पेंशन और बीमा (EDLI) योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो 2026 से प्रभावी होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद, ईटीएफ (ETF) निवेश से मिले अच्छे रिटर्न के कारण EPFO 8.25% की प्रतिस्पर्धी दर बनाए रखने में सफल रहा है। अन्य छोटी बचत योजनाओं की तुलना में ईपीएफ अभी भी निवेश का सबसे सुरक्षित और अधिक रिटर्न देने वाला विकल्प बना हुआ है।