डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, कच्चे तेल में उबाल; जानिए बाजार में आई इस सुनामी की 3 बड़ी वजहें

भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। हफ्ते के पहले ही कारोबारी सत्र में बाजार में ऐसी गिरावट आई कि निवेशकों के बीच हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही औंधे मुंह गिर पड़े। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स लगभग 2,743 अंक यानी 3.37 प्रतिशत टूटकर 78,543 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 500 अंकों से ज्यादा फिसलकर 24,645 के करीब आ गया।
बाजार गिरने के प्रमुख कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि इस भारी गिरावट के पीछे तीन मुख्य वैश्विक कारण हैं:
- वैश्विक तनाव: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने निवेशकों को डरा दिया है। युद्ध की आहट से वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया है।
- कच्चे तेल में उछाल: युद्ध की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। तेल महंगा होने से भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
- रुपये की कमजोरी: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 91.50 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आयात महंगा होने की चिंता बढ़ गई है।
FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से अपना हाथ खींचना शुरू कर दिया है। पिछले सत्र में उन्होंने लगभग 7,536 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। डर का सूचकांक ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) भी आज 25 प्रतिशत तक उछल गया, जो बाजार में और भी बड़ी उथल-पुथल का संकेत दे रहा है। कुल मिलाकर, इस गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति को भारी चोट पहुंचाई है।