लेबनान में इजरायली हमला: 30 हजार लोग बेघर, खाड़ी देशों पर 186 मिसाइलों और 812 ड्रोनों की बौछार

ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब लेबनान तक फैल गई है। इजरायली सेना ने लेबनान के 59 इलाकों को तुरंत खाली करने का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद दक्षिण लेबनान में हाहाकार मच गया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 30,000 से ज्यादा लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। यह संकट तब और गहरा गया जब लेबनान स्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच सीधी गोलाबारी शुरू हो गई।

59 इलाकों को खाली करने का आदेश और मानवीय त्रासदी इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को तबाह करने के लिए लेबनान के रिहाइशी इलाकों से नागरिकों को हटने के लिए कहा है। इस आदेश के बाद लोग अपनी कारों और पैदल ही सड़कों पर निकल पड़े हैं, जिससे कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। UNHCR के मुताबिक, बेघर हुए लोग राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं, जबकि कई लोग सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। पिछले 48 घंटों में लेबनान में 50 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबर है।

UAE पर हमला और एयर डिफेंस की सक्रियता संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि ईरान की ओर से उनके देश पर 186 मिसाइलें और 812 ड्रोन दागे गए। हालांकि, यूएई की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली ने इनमें से अधिकांश को नष्ट कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, 172 मिसाइलों को बीच हवा में ही मार गिराया गया, जबकि कुछ मिसाइलें समुद्र में गिरीं। इस हमले ने पूरे अरब प्रायद्वीप को हाई अलर्ट पर ला दिया है।

ईरान में तबाही और कतर में फंसे यात्री ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 4 दिनों में इजरायल और अमेरिका के संयुक्त अभियानों में 787 लोगों की जान चली गई है। ईरान के 153 शहरों में 1,000 से अधिक हवाई हमले किए गए हैं। इस युद्ध का असर वैश्विक विमानन पर भी पड़ा है; कतर द्वारा अपना हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण विभिन्न देशों के लगभग 8,000 यात्री ट्रांजिट में फंसे हुए हैं। मध्य पूर्व की यह स्थिति अब एक पूर्ण विश्व युद्ध की ओर इशारा कर रही है।

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