बिहार की राजनीति में महा-भूकंप! नीतीश कुमार छोड़ेंगे सीएम पद? बेटे निशांत को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

बिहार की सत्ता के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है, जबकि बिहार की कमान अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हाथ में जा सकती है। इस पूरे फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का है, जिन्हें बिहार का नया उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना है।
बुधवार को जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा दिल्ली से सीधे पटना पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार के साथ गहन मंत्रणा की। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी पटना पहुंच रहे हैं। इन दिग्गज नेताओं की आपात बैठकों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बिहार में सत्ता हस्तांतरण (Power Transfer) का खाका तैयार कर लिया गया है। माना जा रहा है कि आज होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में इन फैसलों पर आधिकारिक मुहर लग सकती है।
क्या है नया राजनीतिक मॉडल? सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नीतीश कुमार अब बिहार की सक्रिय राजनीति से हटकर केंद्र में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। वहीं, नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लॉन्च करने के लिए उन्हें उप-मुख्यमंत्री का पद दिलवाना चाहते हैं। जेडीयू के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने निशांत के राजनीति में आने के संकेतों का खुले दिल से स्वागत किया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘चाणक्य’ नीति २०২৫ के चुनाव परिणामों के समय ही तय कर ली गई थी। नीतीश कुमार अपनी विरासत को सुरक्षित करने और एनडीए के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए यह बड़ा कदम उठा रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो बिहार की राजनीति में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होगा, जिसका असर आने वाले कई वर्षों तक देखने को मिलेगा।