ब्रिटिश एयरबेस पर ड्रोन हमला! ईरान नहीं, तो फिर किसने की हिमाकत? साइप्रस में गहराया रहस्य

पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के भीषण युद्ध की लपटें अब यूरोप तक पहुँच गई हैं। साइप्रस में स्थित ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स (RAF) के ‘अक्रोतिरी’ बेस पर हुए ड्रोन हमले ने दुनिया भर में खलबली मचा दी है। शुरुआत में इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया था, लेकिन अब ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने एक सनसनीखेज बयान जारी कर कहा है कि यह ड्रोन ईरान से नहीं दागा गया था।

हमले का पूरा घटनाक्रम रविवार आधी रात के बाद अक्रोतिरी बेस पर एक ड्रोन रडार को चकमा देकर घुस आया। जवाबी कार्रवाई में ब्रिटेन के लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया, जिसमें एक विमान के क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है। सोमवार को फिर दो ड्रोन देखे गए, जिससे यह साफ हो गया कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया हमला था।

साजिश या हकीकत? हालांकि हमलावर ड्रोन ईरान के ‘शाहेद’ मॉडल जैसा दिख रहा था, लेकिन ब्रिटेन के इनकार के बाद अब ‘थर्ड पार्टी’ की थ्योरी सामने आ रही है। जानकारों का मानना है कि ब्रिटेन को इस युद्ध में सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए किसी अन्य शक्ति ने यह चाल चली है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस हमले के पीछे इजरायली एजेंसी मोसाद का हाथ होने का दावा कर रहे हैं, ताकि पश्चिमी देशों का समर्थन हासिल किया जा सके। इधर, साइप्रस के लोग अपने देश में ब्रिटिश सैन्य ठिकानों की मौजूदगी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

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