देसी गर्ल के विदेशी दूल्हे ने जीता चोपड़ा परिवार का दिल! निक जोनास की ‘पक्का-कथा’ का अनसुना किस्सा

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास की जोड़ी को आज दुनिया की सबसे रोमांटिक जोड़ियों में से एक माना जाता है। बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर तय करने वाली प्रियंका ने हाल ही में अपनी शादी से पहले की ‘रोका’ (पक्का-कथा) सेरेमनी के बारे में ऐसी बातें साझा की हैं, जो पहले कभी किसी को नहीं पता थीं। उन्होंने बताया कि कैसे सात समंदर पार से आए निक ने पहली ही मुलाकात में उनके घर की महिलाओं और रिश्तेदारों का दिल जीत लिया था।
राजसी अंदाज में भारतीय रस्में: प्रियंका ने याद किया कि उनके रोका समारोह का आयोजन काफी भव्य और पारंपरिक था। प्रियंका के पिता अशोक चोपड़ा की अनुपस्थिति में उनकी मां मधु चोपड़ा ने इस दिन को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। घर के ड्राइंग रूम से सारा फर्नीचर हटा दिया गया था और जमीन पर बैठने की व्यवस्था की गई थी। बीचों-बीच हवन कुंड था और चार पुजारी वेदों का पाठ कर रहे थे। प्रियंका ने बताया, “जब मैं नीचे आई और निक का हाथ पकड़ा, तो मुझे लगा कि मैं अपनी खुद की चुनी हुई नई दुनिया में कदम रख रही हूं।”
रिश्तेदारों के बीच छा गए निक: सबसे दिलचस्प बात यह थी कि निक जोनास ने पूरी तरह भारतीय रंग-रूप अपना लिया था। हवन के दौरान सही उच्चारण के साथ ‘स्वाहा’ कहना और ढोलक की थाप पर थिरकना— विदेशी दामाद का यह अंदाज देख प्रियंका की मौसियां और बुआ हैरान रह गईं। प्रियंका ने हंसते हुए कहा, “निक ने जिस तरह से रस्मों को निभाया, सब उनके मुरीद हो गए। हर कोई बस निक की ही तारीफ कर रहा था।”
निक का वो दिल छू लेने वाला वाक्य: प्रियंका के लिए सबसे भावुक पल वो था जब रस्में खत्म होने के बाद निक ने उनका हाथ थाम लिया। जब प्रियंका कपड़े बदलने जा रही थीं, तब निक ने धीरे से उनके कान में कहा, “प्रियंका, मुझे ऐसा लग रहा है कि यह हमारा साथ में बिताया हुआ तीसरा या चौथा जन्म है।” जब प्रियंका ने हैरान होकर वजह पूछी, तो निक ने जवाब दिया, “यहाँ सब कुछ बहुत जाना-पहचाना लग रहा है, जैसे कि मैं अपने घर में हूँ। मैं तुम्हारे साथ इसी तरह उम्र भर रहना चाहता हूँ।”
निक की इस सादगी और गहराई ने प्रियंका को यकीन दिला दिया कि निक ही उनके लिए ‘परफेक्ट’ जीवनसाथी हैं। आज भले ही निक और प्रियंका एक ग्लोबल स्टार कपल हैं, लेकिन उनकी प्रेम कहानी की जड़ें आज भी इन्हीं खूबसूरत भारतीय यादों में बसी हैं।