उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही! डेढ़ महीने से बंद है ऑक्सीजन प्लांट, अधिकारियों को खबर तक नहीं

सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (NBMCH) से प्रशासन की एक बड़ी विफलता सामने आई है। कोरोना महामारी के दौरान करोड़ों की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट पिछले डेढ़ महीने से बंद पड़ा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल के उच्च अधिकारियों को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। यह लापरवाही तब सामने आई है जब अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते अधिकारी अस्पताल के एडिशनल सुपरिटेंडेंट डॉ. नंदन बंद्योपाध्याय ने पहले तो अनभिज्ञता जताई, लेकिन बाद में बायोमेडिकल इंजीनियरों से बात कर स्वीकार किया कि प्लांट बंद है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की शुद्धता कम होने के कारण इसे इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सुपरिटेंडेंट का प्रभार तो दिया गया है, लेकिन उनकी जिम्मेदारियां क्या हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया।

बकाया भुगतान और रखरखाव का संकट सूत्रों के अनुसार, प्लांट का रखरखाव करने वाली कंपनी का स्वास्थ्य विभाग पर काफी पैसा बकाया है। भुगतान न होने के कारण कंपनी ने ऑक्सीजन के नमूनों की जांच करने से मना कर दिया है। प्लांट बंद होने से अस्पताल को हर महीने लगभग 100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के कड़वे अनुभव के बाद भी ऐसी लापरवाही स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *