मेट्रो चैनल से ममता की हुंकार: ‘बंगाली वोटरों का अधिकार छीनने नहीं दूंगी, आयोग के दावों की खुलेगी पोल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार दोपहर २:१५ बजे कोलकाता के मेट्रो चैनल पर ममता बनर्जी धरने पर बैठ गईं। उनका सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग (EC) और बीजेपी ने मिलकर एक ऐसी साजिश रची है जिससे लाखों वैध बंगाली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के नाम पर कई जीवित मतदाताओं को ‘मृत’ घोषित किए जाने के खिलाफ ममता ने मोर्चा खोल दिया है।
ममता बनर्जी ने मंच से घोषणा की, “मैं बीजेपी और चुनाव आयोग की इस साजिश का पर्दाफाश करूंगी। आयोग ने जिन्हें मृत घोषित किया है, मैं उन मतदाताओं को इसी धरना स्थल पर सबके सामने पेश करूंगी।” उन्होंने बीजेपी को ‘बेशर्म पार्टी’ करार देते हुए कहा कि ये बंगाल के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। मुख्यमंत्री का दावा है कि संशोधित मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है ताकि राज्य के चुनावी समीकरण को बदला जा सके।
इससे पहले तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ होकर काम कर रहा है। शुक्रवार को ममता के इस धरने ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब एक बड़े संवैधानिक और राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है।